FB
Twitter
Smart Astro Guru Calender
Date : - Weekday :
Shaka : Vikram : Vedic Ritu : Vedic Ayana : Tithi : Paksha : Chandramasa : Chandramasa 2 : Sunrise : (Jaipur, Rajasthan) Sunset : (Jaipur, Rajasthan) Sunsign : Moonrise : Moonset : Moonsign : Nakshatra : Karana : Yoga : Rahukaal : Gulikakaal : Yamaghanda : Surya Nakshatra : Amrit Kalam : Abhijit Muhurta :
Today Panchang
Previous Day |
| Next Day
Month:
Date:
Year (e.g. 2000):
Latest Article / Blogs Post
|| Know your Future from Smart Astro Guru ||
Copyright © 2010-2015,All Rights Reserved  
  Terms & Conditions of services   ---    Disclaimer    ---   Privacy Policy    
   Design & Developed By   :       R.N. sharma

Friday vrat katha with aarati



Sunday, Monday, Tuesday, Wednesday, Thursday, Friday, Saturday

SunSigns/Horoscope Year 2014

hindi horoscope 2014
English
Hindi
hindi horoscope
Zodiac signs or Sun signs are determined by an individual's date of birth. It represents the sign of the zodiac that the Sun was in at the time of birth. Zodiac comprise of 12 different sun signs.
Welcome to our web site!

SmartAstroGuru.com is a total solution provider web service portal to help you find out a right solution of your all type of problems like, Jyotish/ Astrology, Vastu, house design/map, career, education, Finance, Investments, Shopping, Business tips, Share market, Marriage, and many more problems in your life.
Chalisa
Aartiyan
Vrat Katha
Stuti
Calendar

Vastu Home Design with Location & Direction

North west
North
North East
West
Center
East
South West
South
South East

sundarkand (सुन्दरकाण्ड)

Ramayan

          दोहा सहज सूर कपि भालु सब पुनि सिर पर प्रभु राम। रावन काल कोटि कहुँ जीति सकहिं संग्राम ॥55 ॥ चौपाई राम तेज बल बुधि बिपुलाई। सेष सहस सत सकहिं न गाई ॥ सक सर … Read More

Read More

sundarkand (सुन्दरकाण्ड)

Ramayan

          दोहा रावन क्रोध अनल निज स्वास समीर प्रचंड। जरत बिभीषनु राखेउ दीन्हेउ राजु अखंड ॥49क ॥ जो संपति सिव रावनहि दीन्हि दिएँ दस माथ। सोइ संपदा बिभीषनहि सकुचि दीन्हि रघुनाथ ॥49ख ॥ चौपाई अस प्रभु … Read More

Read More

sundarkand (सुन्दरकाण्ड)

Ramayan

          दोहा सरनागत कहुँ जे तजहिं निज अनहित अनुमानि। ते नर पावँर पापमय तिन्हहि बिलोकत हानि ॥43 ॥ चौपाई कोटि बिप्र बध लागहिं जाहू। आएँ सरन तजउँ नहिं ताहू ॥ सनमुख होइ जीव मोहि जबहीं। जन्म … Read More

Read More

सुन्दरकाण्ड (sundarkand)

Ramayan

          दोहा काम क्रोध मद लोभ सब नाथ नरक के पंथ। सब परिहरि रघुबीरहि भजहु भजहिं जेहि संत ॥38 ॥ चौपाई तात राम नहिं नर भूपाला। भुवनेस्वर कालहु कर काला ॥ ब्रह्म अनामय अज भगवंता। ब्यापक … Read More

Read More

Sundarkand (सुन्दरकाण्ड)

Ramayan

          दोहा निमिष निमिष करुनानिधि जाहिं कलप सम बीति। बेगि चलिअ प्रभु आनिअ भुज बल खल दल जीति ॥31 ॥ चौपाई सुनि सीता दुख प्रभु सुख अयना। भरि आए जल राजिव नयना ॥ बचन कायँ मन … Read More

Read More

sundarkand (सुन्दरकाण्ड)

Ramayan

          दोहा हरि प्रेरित तेहि अवसर चले मरुत उनचास। अट्टहास करि गर्जा कपि बढ़ि लाग अकास ॥25 ॥ चौपाई देह बिसाल परम हरुआई। मंदिर तें मंदिर चढ़ धाई ॥ जरइ नगर भा लोग बिहाला। झपट लपट … Read More

Read More

Sundarkand (सुन्दरकाण्ड)

Ramayan

          दोहा कछु मारेसि कछु मर्देसि कछु मिलएसि धरि धूरि । कछु पुनि जाइ पुकारे प्रभु मर्कट बल भूरि  ॥18 ॥ चौपाई सुनि सुत बध लंकेस रिसाना। पठएसि मेघनाद बलवाना  ॥ मारसि जनि सुत बाँधेसु ताही। … Read More

Read More

sundarkand (सुन्दरकाण्ड)

Ramayan

          दोहा कपि के बचन सप्रेम सुनि उपजा मन बिस्वास । जाना मन क्रम बचन यह कृपासिंघु कर दास ।। 13 ।। चौपाई हरिजन जानि प्रीति अति गाढ़ी । सजल नयन पुलकावलि बाढ़ी ।। बूड़त बिरह … Read More

Read More

sundarkand (सुन्दरकाण्ड)

Ramayan

          दोहा  निज पद नयन दिएँ मन राम पद कमल लीन । परम दुखी भा पवनसुत देखि जानकी दीन ।। 8 ।। चौपाई तरू पल्लव  महुँ रहा लुकाई । करइ बिचार करौं का भाई ।। तेहि … Read More

Read More

Sundarkand (सुन्दरकाण्ड)

Ramayan

          दोहा पुर रखवारे देखि बहु कपि मन कीन्ह बिचार । अति लघु रुप धरौं निसि नगर करौं पइसार ।। 3 ।। चौपाई मसक समान रुप कपि धरी । लंकहि चलेउ सुमिरि नरहरी ।। नाम लंकिनी … Read More

Read More
User Name:
Password: