भोजन कक्ष : भोजन कक्ष हमेशा मकान में पश्चिमी भाग में ही बनाना चाहिए , तथा विशेष परिस्थितियों में पूर्व या उत्तरी भाग में भी भोजन कक्ष बनवा सकते हैं | भोजन कक्ष का दरवाजा मकान के बाहरी मुख्य दरवाजे के सामने नहीं होना चाहिए | एवं  हो सके तो भूतल  मंजिल ही बनाना चाहिए | अगर रसोई मकान के भूतल मंजिल पर बनी हो तो भोजन कक्ष भी भूतल मंजिल पर ही बनाना चाहिए | भोजन कक्ष में भोजन की टेबल चोकोर या आयताकार होनी चाहिए , तथा भोजन करने वालों का मुंह पूर्व या पश्चिम की ओर होना चाहिए | घर के मुखिया का मुंह भोजन करते समय पूर्व की ओर होना चाहिए | भोजन कक्ष में हो सके तो टॉयलेट (शौचालय) का निर्माण नहीं करवाना चाहिए | तथा सिंक को उत्तर – पूर्व के कोने में लगवाना चाहिए |
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