Saraswati112

आरती श्री सरस्वती जी की 
जय सरस्वती माता , मैया जय सरस्वती माता |सदगुण वैभव शालिनी, त्रिभुवन विख्याता ॥
जय सरस्वती माता ॥
चन्द्रवदनि पद्मासिनि, द्युति मंगलकारी |सोहे शुभ हंस सवारी, अतुल तेजधारी ॥
जय सरस्वती माता ॥
बाएं कर में वीणा, दाएं कर माला |शीश मुकुट मणि सोहे, गल मोतियन माला ॥
जय सरस्वती माता ॥
देवी शरण जो आए, उनका उद्धार किया | पैठी मंथरा दासी, रावण संहार किया ॥
जय सरस्वती माता ॥
विद्या ज्ञान प्रदायिनि, ज्ञान प्रकाश भरो |मोह अज्ञान और तिमिर का, जग से नाश करो ॥
जय सरस्वती माता ॥
धूप दीप फल मेवा, माँ स्वीकार करो | ज्ञानचक्षु दे माता, जग निस्तार करो ॥
जय सरस्वती माता ॥
माँ सरस्वती की आरती, जो कोई जन गावे | हितकारी सुखकारी ज्ञान भक्ति पावे ॥
जय सरस्वती माता ॥
जय सरस्वती माता, जय जय सरस्वती माता |सदगुण वैभव शालिनी, त्रिभुवन विख्याता ॥
जय सरस्वती माता ॥

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