Shri Pretraj ji ki Aarati

श्री प्रेतराज जी की आरती जय प्रेतराज कृपालु मेरी, अरज अब सुन लीजिये । मैं शरण तुम्हारी आ गया हूँ, नाथ दर्शन दीजिये । मैं करूं विनती आपसे अब, तुम दयामय चित धरो । चरणों का ले लिया आसरा, प्रभु … Read More →

Santoshi Mata ji ki aarati

संतोषी माता जी की आरती जय संतोषी माता मईया जय संतोषी माता अपने सेवक जन की सुख सम्पति दाता | जय… सुन्दर चीर सुनहरी, माँ धारण कीन्हों हीरा पन्ना दमके, तन ॠंगार लीन्हों | जय… गेरु लाल छटा छवि, बदन … Read More →

Shri Ramji ki Aarati

श्री रामजी की आरती भये प्रगट कृपाला दीनदयाला कौसल्या हितकारी . हरषित महतारी मुनि मन हारी अद्भुत रूप बिचारी .. लोचन अभिरामा तनु घनस्यामा निज आयुध भुज चारी . भूषन वनमाला नयन बिसाला सोभासिन्धु खरारी .. कह दुइ कर जोरी … Read More →

Bhairav Aarati

भैरव जी की आरती जय भैरव देवा प्रभु जय भैरव देवा | जय काली और गौरा कृतसेवा | तुम पापी उद्धारक दुख सिन्धु तारक | भक्तों के सुखकारक भीषण वपु धारक | वाहन श्वान विराजत कर त्रिशूल धारी | महिमा … Read More →

Devi Sooktam

Bhawani mata

देवीसूक्तम नमो देव्यै महादेव्यै शिवायै सततं नमः । नमः प्रकृत्यै भद्रायै नियताः प्रणताः स्म ताम् ॥१॥ रौद्रायै नमो नित्यायै गौर्यै धात्र्यै नमो नमः । ज्योत्स्ना यै चेन्दुरुपिण्यै सुखायै सततं नमः ॥२॥ कल्याण्यै प्रणतां वृध्दै सिध्दयै कुर्मो नमो नमः । नैऋत्यै … Read More →

Maha Lakshmi Sooktam

Maha Lakshmi

॥ महा लक्ष्मी सूक्तम ॥ हरिः ॐ हिरण्यवर्णां हरिणीं सुवर्णरजतस्रजाम् । चन्द्रां हिरण्मयीं लक्ष्मीं जातवेदो म आवह ॥१॥ तां म आवह जातवेदो लक्ष्मीमनपगामिनीम् । यस्यां हिरण्यं विन्देयं गामश्वं पुरुषानहम् ॥२॥ अश्वपूर्वां रथमध्यां हस्तिनादप्रबोधिनीम् । श्रियं देवीमुपह्वये श्रीर्मा देवी जुषताम् ॥३॥ … Read More →

Saraswati Stotra

॥ श्रीसरस्वती स्तोत्रम् ॥ या कुन्देन्दु-तुषारहार-धवला या शुभ्र-वस्त्रावृता या वीणावरदण्डमन्डितकरा या श्वेतपद्मासना । या ब्रह्माच्युत-शंकर-प्रभृतिभिर्देवैः सदा पूजिता सा मां पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाड्यापहा ॥1॥ दोर्भिर्युक्ता चतुर्भिः स्फटिकमणिमयीमक्षमालां दधाना हस्तेनैकेन पद्मं सितमपि च शुकं पुस्तकं चापरेण । भासा कुन्देन्दु-शंखस्फटिकमणिनिभा भासमानाऽसमाना सा … Read More →

Ashta Lakshmi Stotram

॥ अष्ट लक्ष्मी स्तोत्रम् ॥ आदि लक्ष्मी सुमनस वन्दित सुन्दरि माधवि, चन्द्र सहोदरि हेममये मुनिगणमण्डित मोक्षप्रदायनि, मञ्जुळभाषिणि वेदनुते । पङ्कजवासिनि देवसुपूजित, सद्गुण वर्षिणि शान्तियुते जय जय हे मधुसूदन कामिनि, आदिलक्ष्मि सदा पालय माम् ॥ 1 ॥ धान्य लक्ष्मी अहिकलि कल्मषनाशिनि … Read More →

Shri Vaibhav Lakshmi Vrat Katha

माता वैभव लक्ष्मी व्रत माता वैभव लक्ष्मी के व्रत की यह खूबी है कि, इस व्रत को स्त्री और पुरुष दोनों में से कोई भी कर सकता है| इस व्रत कि एक और विशेषता है कि इस व्रत को करने … Read More →

Kaal Bhairav Stotra

श्री कालभैरव स्तोत्र नमो भैरवदेवाय नित्यायानंद मूर्तये । विधिशास्त्रांत मार्गाय वेदशास्त्रार्थ दर्शिने ॥ १ ॥ दिगंबराय कालाय नम: खट्वांग धारिणे ॥ विभूतिविल सद्भाल नेत्रायार्धेंदुमोलिने ॥ २ ॥ कुमारप्रभवे तुभ्यं बटुकाय महात्मने । नमोsचिंत्य प्रभावाय त्रिशूलायुधधारिणे ॥ ३ ॥ नमः खड्गमहाधार … Read More →