ईश्वर / भगवान की प्राप्ति !

ईश्वर / भगवान की प्राप्ति ! ईश्वर अर्थात भगवान को पाना बहुत आसान है मगर उसके लिए आपको बहुत ही ज्ञानी या पूजा पाठ या गुरु की जरूरत नहीं है बस आपको बहुत ही सरल होना जरूरी है , उनके … Read More →

ब्रह्मचर्य

? ब्रह्मचर्य ? कामवासना को उत्तेजित करने वाले खान-पान, दृश्य-श्रव्य एवं श्रृंगारादि का परित्याग कर सतत वीर्य-रक्षा करते हुए ऊर्ध्वरेता होना ब्रह्मचर्य कहलाता है।अष्टविध मैथुन-वासना की दृष्टि से किसी का दर्शन, स्पर्शन, एकान्त-सेवन, भाषण, विषय-कथा, परस्पर क्रीड़ा, विषय का ध्यान … Read More →

प्राणायाम एवं योग में बंध का महत्त्व |

प्राणायाम एवं योग में बंध का महत्त्व | योग में एक रहस्य है जो ऊर्जा को रोक कर रखता है |ऊर्जा यानी प्राणमय कोष होता है , ऊर्जा का वास शरीर की पांच परतों में से तीसरी परत में होता … Read More →

प्राणायाम क्या है  एवं प्राणायाम  तथा प्राण का क्या सम्बन्ध है ?

प्राणायाम क्या है  एवं प्राणायाम  तथा प्राण का क्या सम्बन्ध है ? प्राणायाम करने वाली एक नासिका में दो छिद्रों का महत्त्व एवं प्राणायाम तथा प्राण का सम्बन्ध  | प्राण यानि शरीर को चलाने वाली शक्ति | प्राण यानि फोर्स … Read More →

श्री कुण्डलिनी चालीसा

                    श्री कुण्डलिनी चालीसा सिर सहस्त्रदल कौ कमल , अमल सुधाकर ज्योति | ताकि कनिका मध्य में , सिंहासन छवि होति || शांत भाव आनंदमय , सम चित विगत विकार | … Read More →

कुण्डलिनी शक्ति जाग्रत करने के लाभ

कुण्डलिनी शक्ति जाग्रत करने के लाभ  :-   कुण्डलिनी  शक्ति जागरण विधा अन्धकार को दूर करने का सशक्त माध्यम है। स्यंव को समझने व् दूसरे को पहचानने व् घर परिवार समाज और ब्रहमांड को समझने का मार्ग है ।कुण्डलिनी शक्ति जागरण चारों … Read More →

Sahastraar Chakra

कुण्डलिनी शक्ति :-  सहस्त्रार चक्र :    सहस्त्रार चक्र : रंग : बैंगनी , समबन्ध तत्व : आकाश , प्रभाव : आध्यात्मिकता , बीज मंत्र : ॐ | मस्तक के ऊपरी भाग में शिखा के ठीक नीचे तालू के ऊपर … Read More →

Agya Chakra

कुण्डलिनी शक्ति :-  आज्ञा चक्र :   आज्ञा चक्र : रंग : गहरा नीला , सम्बन्ध तत्व : आकाश , प्रभाव : अतींद्रयज्ञान , बीज मंत्र : ॐ | यह चक्र दोनों भोहों के मध्य स्थित है | इसका स्थान … Read More →

Vishuddh Chakra

कुण्डलिनी शक्ति :-  विशुद्ध चक्र :   विशुद्ध चक्र : रंग : आसमानी , सम्बन्ध तत्व : आकाश , प्रभाव : वाकपटुता , बीज मंत्र : हं | यह चक्र कंठ के पीछे और सुषुम्ना नाडी में , रीढ़ के … Read More →

Anahat Chakra

कुण्डलिनी शक्ति :-  अनाहत चक्र :   अनाहत चक्र : रंग : हरा , सम्बन्ध तत्व : वायु , प्रभाव : प्रेम , बीज मंत्र : यं | वक्ष स्थल के मध्य और ह्रदय के निकट इस चक्र का स्थान … Read More →