Shri Shani Dev ji ki aarati
श्री शनि देव जी की आरती जय जय जय श्री शनि देव भक्तन हितकारी सूरज के पुत्र प्रभु छाया महतारी || जय जय जय शनि देव. श्याम अंक वक्र-दृष्टि चतुर्भुजाधारी, नीलाम्बर धार नाथ गज की असवारी || जय जय… क्रीट … Read More
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श्री शनि देव जी की आरती जय जय जय श्री शनि देव भक्तन हितकारी सूरज के पुत्र प्रभु छाया महतारी || जय जय जय शनि देव. श्याम अंक वक्र-दृष्टि चतुर्भुजाधारी, नीलाम्बर धार नाथ गज की असवारी || जय जय… क्रीट … Read More
श्री विष्णु जी की आरती ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे | भक्त जनों के संकट क्षण में दूर करें || ॐ… जो ध्यावे फ़ल पावे, दुख विनसे मन का, स्वामी… सुख संपत्ति घर आवे, कष्ट मिटे तन … Read More
श्री कालीमाता की आरती मंगल की सेवा सुन मेरी देवा, हाथ जोड तेरे द्वार खडे। पान सुपारी ध्वजा नारियल ले ज्वाला तेरी भेट करे, सुन जगदम्बा न कर विलम्बा, संतन के भडांर भरे। सन्तन प्रतिपाली सदा खुशहाली, जय काली कल्याण … Read More
श्री तुलसी माता जी की आरती जय जय तुलसी माता सब जग की सुख दाता, वर दाता जय जय तुलसी माता ।। सब योगो के ऊपर, सब रोगों के ऊपर रुज से रक्षा करके भव त्राता जय जय तुलसी माता।। … Read More
श्री प्रेतराज जी की आरती जय प्रेतराज कृपालु मेरी, अरज अब सुन लीजिये । मैं शरण तुम्हारी आ गया हूँ, नाथ दर्शन दीजिये । मैं करूं विनती आपसे अब, तुम दयामय चित धरो । चरणों का ले लिया आसरा, प्रभु … Read More
संतोषी माता जी की आरती जय संतोषी माता मईया जय संतोषी माता अपने सेवक जन की सुख सम्पति दाता | जय… सुन्दर चीर सुनहरी, माँ धारण कीन्हों हीरा पन्ना दमके, तन ॠंगार लीन्हों | जय… गेरु लाल छटा छवि, बदन … Read More
श्री रामजी की आरती भये प्रगट कृपाला दीनदयाला कौसल्या हितकारी . हरषित महतारी मुनि मन हारी अद्भुत रूप बिचारी .. लोचन अभिरामा तनु घनस्यामा निज आयुध भुज चारी . भूषन वनमाला नयन बिसाला सोभासिन्धु खरारी .. कह दुइ कर जोरी … Read More
भैरव जी की आरती जय भैरव देवा प्रभु जय भैरव देवा | जय काली और गौरा कृतसेवा | तुम पापी उद्धारक दुख सिन्धु तारक | भक्तों के सुखकारक भीषण वपु धारक | वाहन श्वान विराजत कर त्रिशूल धारी | महिमा … Read More
देवीसूक्तम नमो देव्यै महादेव्यै शिवायै सततं नमः । नमः प्रकृत्यै भद्रायै नियताः प्रणताः स्म ताम् ॥१॥ रौद्रायै नमो नित्यायै गौर्यै धात्र्यै नमो नमः । ज्योत्स्ना यै चेन्दुरुपिण्यै सुखायै सततं नमः ॥२॥ कल्याण्यै प्रणतां वृध्दै सिध्दयै कुर्मो नमो नमः । नैऋत्यै … Read More
॥ महा लक्ष्मी सूक्तम ॥ हरिः ॐ हिरण्यवर्णां हरिणीं सुवर्णरजतस्रजाम् । चन्द्रां हिरण्मयीं लक्ष्मीं जातवेदो म आवह ॥१॥ तां म आवह जातवेदो लक्ष्मीमनपगामिनीम् । यस्यां हिरण्यं विन्देयं गामश्वं पुरुषानहम् ॥२॥ अश्वपूर्वां रथमध्यां हस्तिनादप्रबोधिनीम् । श्रियं देवीमुपह्वये श्रीर्मा देवी जुषताम् ॥३॥ … Read More