Shrimad Bhagvat Puran ki aarati

श्रीमद भागवत जी की आरती आरती अतिपावन पुराण की |धर्म – भक्ति – विज्ञान – खान की || टेक || महापुराण भागवत निर्मल |शुक-मुख-विगलित निगम-कल्ह-फल || परमानन्द-सुधा रसमय फल |लीला रति रस रसिनधान की || आरती० कलिमल मथनि त्रिताप निवारिणी … Read More →

Sheetala mata ji ki aarati

माँ शीतला माता जी की आरती जय शीतला माता, मैया जय शीतला माता, आदि ज्योति महारानी सब फल की दाता | जय रतन सिंहासन शोभित, श्वेत छत्र भ्राता, ऋद्धिसिद्धि चंवर डोलावें, जगमग छवि छाता | जय विष्णु सेवत ठाढ़े, सेवें … Read More →

Shri Shani Dev ji ki aarati

shanidev

श्री शनि देव जी की आरती जय जय जय श्री शनि देव भक्तन हितकारी सूरज के पुत्र प्रभु छाया महतारी || जय जय जय शनि देव. श्याम अंक वक्र-दृष्टि चतुर्भुजाधारी, नीलाम्बर धार नाथ गज की असवारी || जय जय… क्रीट … Read More →

Shri Vishnu Dev ki aarati

Shri Vishnu dev

श्री विष्णु जी की आरती ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे | भक्त जनों के संकट क्षण में दूर करें || ॐ… जो ध्यावे फ़ल पावे, दुख विनसे मन का, स्वामी… सुख संपत्ति घर आवे, कष्ट मिटे तन … Read More →

Maha Kali maa ki aarati

श्री कालीमाता की आरती मंगल की सेवा सुन मेरी देवा, हाथ जोड तेरे द्वार खडे। पान सुपारी ध्वजा नारियल ले ज्वाला तेरी भेट करे, सुन जगदम्बा न कर विलम्बा, संतन के भडांर भरे। सन्तन प्रतिपाली सदा खुशहाली, जय काली कल्याण … Read More →

Shri Tulsi Mata ji ki Aarati

श्री तुलसी माता जी की आरती जय जय तुलसी माता सब जग की सुख दाता, वर दाता जय जय तुलसी माता ।। सब योगो के ऊपर, सब रोगों के ऊपर रुज से रक्षा करके भव त्राता जय जय तुलसी माता।। … Read More →

Shri Pretraj ji ki Aarati

श्री प्रेतराज जी की आरती जय प्रेतराज कृपालु मेरी, अरज अब सुन लीजिये । मैं शरण तुम्हारी आ गया हूँ, नाथ दर्शन दीजिये । मैं करूं विनती आपसे अब, तुम दयामय चित धरो । चरणों का ले लिया आसरा, प्रभु … Read More →

Santoshi Mata ji ki aarati

संतोषी माता जी की आरती जय संतोषी माता मईया जय संतोषी माता अपने सेवक जन की सुख सम्पति दाता | जय… सुन्दर चीर सुनहरी, माँ धारण कीन्हों हीरा पन्ना दमके, तन ॠंगार लीन्हों | जय… गेरु लाल छटा छवि, बदन … Read More →

Shri Ramji ki Aarati

श्री रामजी की आरती भये प्रगट कृपाला दीनदयाला कौसल्या हितकारी . हरषित महतारी मुनि मन हारी अद्भुत रूप बिचारी .. लोचन अभिरामा तनु घनस्यामा निज आयुध भुज चारी . भूषन वनमाला नयन बिसाला सोभासिन्धु खरारी .. कह दुइ कर जोरी … Read More →

Bhairav Aarati

भैरव जी की आरती जय भैरव देवा प्रभु जय भैरव देवा | जय काली और गौरा कृतसेवा | तुम पापी उद्धारक दुख सिन्धु तारक | भक्तों के सुखकारक भीषण वपु धारक | वाहन श्वान विराजत कर त्रिशूल धारी | महिमा … Read More →