Shri Vishnu dev Chalisa

Shri Vishnu dev ji

श्री विष्णु देव चालीसा दोहा विष्णु सुनिए विनय सेवक की चितलाय । कीरत कुछ वर्णन करूं दीजै ज्ञान बताय ॥ चौपाई नमो विष्णु भगवान खरारी,कष्ट नशावन अखिल बिहारी । प्रबल जगत में शक्ति तुम्हारी,त्रिभुवन फैल रही उजियारी ॥ सुन्दर रूप … Read More →

Shri Surya dev Chalisa

सूर्य देव

श्री सूर्य देव चालीसा दोहा कनक बदन कुण्डल मकर, मुक्ता माला अंग । पद्मासन स्थित ध्याइये, शंख चक्र के संग । । चौपाई जय सविता जय जयति दिवाकर, सहस्रांशु सप्ताश्व तिमिरहर । भानु, पतंग, मरीची, भास्कर, सविता, हंस, सुनूर, विभाकर … Read More →

Shri Pitrudev Chalisa

Pitrudev

श्री पितृ देव चालीसा दोहा हे पितरेश्वर आपको दे दियो आशीर्वाद, चरणाशीश नवा दियो रखदो सिर पर हाथ । सबसे पहले गणपत पाछे घर का देव मनावा जी । हे पितरेश्वर दया राखियो, करियो मन की चाया जी । । … Read More →

Shri Mahavir swami chalisa

Mahavir swami ji

श्री महावीर स्वामी चालीसा दोहा शीश नवा अरिहन्त को, सिद्धन करूँ प्रणाम । उपाध्याय आचार्य का, ले सुखकारी नाम । सर्व साधु और सरस्वती, जिन मन्दिर सुखकार । महावीर भगवान को, मन-मन्दिर में धार । चौपाई जय महावीर दयालु स्वामी, … Read More →

Shri Giriraj ji Chalisa

Shri Giriraj ji Maharaj

श्री गिरिराज चालीसा दोहा बन्दहुँ वीणा वादिनी, धरि गणपति को ध्यान । महाशक्ति राधा, सहित कृष्ण करौ कल्याण । सुमिरन करि सब देवगण, गुरु पितु बारम्बार । बरनौ श्रीगिरिराज यश, निज मति के अनुसार । चौपाई जय हो जय बंदित … Read More →

Shri Parushram Bhagwan chalisa

श्री परशुराम चालीसा दोहा श्री गुरु चरण सरोज छवि, निज मन मन्दिर धारि । सुमरि गजानन शारदा, गहि आशिष त्रिपुरारि । । बुद्धिहीन जन जानिये, अवगुणों का भण्डार । बरणौं परशुराम सुयश, निज मति के अनुसार । । चौपाई जय … Read More →

Baba Ramdev Chalisa

बाबा रामदेवजी महाराज

बाबा रामदेव चालीसा दोहा श्री गुरु पद नमन करि, गिरा गनेश मनाय । कथूं रामदेव विमल यश, सुने पाप विनशाय । । द्वार केश से आय कर, लिया मनुज अवतार । अजमल गेह बधावणा, जग में जय जयकार । । … Read More →

Amavashya

Amavashya Amavashya is considered auspicious day for the worship of Dev pooja and pitru(forefathers), pitray,pooja work are made in every month.All Amavasya days are appropriate to perform Shraddha rituals to appease ancestors. However, no travel ought to be scheduled on … Read More →